Thursday, May 4, 2017

Another 'blasphemy' case in Pakistan, another mob in action!

Here is Devanagari transcript of a part of an Urdu report about the arrest of a Hindu man on 03 May 2017 in Balochistan on charges of 'blasphemy'.

Prakash, 35, was saved by the police from being lynched by a mob.

The incident happened in Hub area of Lasbela district of Balochistan.

This report was posted on 04 May 2017 on Pakistani online magazine called 'Sujag Nukta-e-Nazar' on the following link.


The report includes a short video clip of an agitated mob gathered outside the Hub police station, which one can also watch on YouTube on the link below.

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ब्लासफेमी का एक और इलज़ाम और मौलाना फज़लुर रहमान का इम्तिहान
04 मई 2017, अली अरक़म

कराची से मुत्तसिल (adjoining) बलोचिस्तान के ज़िला लसबेला के सन’अति टाउन (industrial town) हब चौकी में सैकड़ों अफराद पर मुश्तमिल हजूम (mob consisting of hundreds of people) सिटी थाने के गिर्द जमा है.

हजूम ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगा रहा है. उन के हाथों में पत्थर हैं, जो वे थाने के गेट पर बरसा रहे हैं.

एक पत्थर कि ज़द में आकर डी. एस. पी. मुहम्मद खान खोसा के सर पर चोट लगी है, और उन को इलाज के लिए ले जाया गया है.

थाने की किसी कोठरी में या शायद यहाँ से कुछ फ़ासले पर जेल में एक 35-साला हिन्दू नौजवान ताजिर (trader) प्रकाश वल्द प्रेमचंद ज़ख्मों से चूर बदन के साथ फ़र्श पर पड़ा कराह रहा है.

उस पर इलज़ाम है कि उस ने फेसबुक पर अपने किसी मुसलमान दोस्त की कोई पोस्ट शेयर की है, जिस पर कुछ लोग इश्तिआल में आ गए (got incensed). आकर उस की खूब पिटाई की.

पुलिस को खबर मिली. उस ने वहाँ पहुँच कर उस को हजूम से छुड़ाया, थाने ले गए, एफ़. आई. आर. काटी, और बंद कर दिया.

रात गुज़र गई लेकिन मामला ख़त्म नहीं हुआ.

मज़हबी जमातों और बाज़ार के ताजिरों का गठजोड़ हुआ और पूरी मार्किट बंद कर दी गई.

पहले प्रेस क्लब के बाहर लोग जमा हुए, फिर थाने कि तरफ़ आ गए.

बिफरे हुए लोग प्रकाश की फाँसी का मुतालबा कर रहे हैं. बीच में कुछ लोग ये काम खुद करने की ख्वाहिश ज़ाहिर कर रहे हैं.

इस हजूम में किसी ने वह पोस्ट अभी नहीं देखी जो इश्तिआल का बा’इस बनी हो. यह तो ये देख कर ही मुश्त’अल (incensed) हैं कि हमारे दूसरे साथी अगर मुश्त’अल हैं तो हक़ पर होंगे.

अब उस पोस्ट का मवाद क़ाबिले ऐतराज़ है या प्रकाश की उस पोस्ट को शेयर करने की हरकत, यह भी किसी को नहीं पता. सब बस ये जानते हैं कि लोगों को ऐतराज़ है तो ज़ाहिर है कोई क़ाबिले ऐतराज़ बात तो होगी ना!

पुलिस कि तरफ से गाहे गाहे हवाई फायरिंग भी हुई है. हजूम ने कराची को बलोचिस्तान से मिलाने वाली आर. सी. डी. हाईवे भी बंद कर दी है….................. 

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